रिकांगपिओ। करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद ऐतिहासिक सिल्क रूट पर स्थित शिपकी-ला दर्रे के माध्यम से भारत-चीन सीमा व्यापार (इंडो-चाइना बॉर्डर ट्रेड) का नया अध्याय पहली अगस्त 2026 से शुरू होने जा रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 से बंद पड़ा यह व्यापार अब फिर से बहाल होगा, जिससे किन्नौर की अर्थव्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन के अनुसार सीमा व्यापार के लिए चयनित व्यापारियों की सुरक्षा और पूर्ववृत्त जांच पूरी कर ली गई है।
पहले चरण में 15 से 17 व्यापारी सीमा पार जाएंगे और उन्हें निर्धारित नियमों के तहत 72 घंटे के भीतर लौटना होगा। सीमा व्यापार को सुगम बनाने के लिए शिपकी-ला में 2.58 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक ट्रेड मार्ट का उद्घाटन भी पहली अगस्त को राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे। विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना के अनुसार भारत से चीन को 36 प्रकार की वस्तुओं के निर्यात और चीन से भारत में 20 प्रकार की वस्तुओं के आयात की अनुमति होगी। हालांकि क्वारंटीन सेंटर के अभाव में इस बार जीवित पशुओं का व्यापार नहीं हो सकेगा।
