नई दिल्ली। देश भर के करोड़ों युवाओं और छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026’ पर मुहर लगा दी है, जिसके साथ ही यह ऐतिहासिक कानून पूरे देश में लागू हो गया है। हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और भारी विरोध-प्रदर्शनों के बाद मोदी सरकार इस सख्त विधेयक को 29 जुलाई को लोकसभा और 30 जुलाई को राज्यसभा से पास कराकर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा था।
इस नए कानून के तहत यूपीएससी (UPSC), एसएससी (SSC), रेलवे (RRB) और एनटीए (NTA) जैसी संस्थाओं की परीक्षाओं में धांधली करने वालों पर नकेल कसी जाएगी। परीक्षा में गड़बड़ी या नकल कराने वाले गिरोहों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सख्त सजा दी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले सर्विस प्रोवाइडर पर भी 5 करोड़ रुपये तक की पेनाल्टी लगाई जा सकती है। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित होगी, जो दो महीने में जांच पूरी करेगी। इसके बाद फास्ट ट्रैक अदालतें रोजाना सुनवाई कर तीन महीने में फैसला सुनाएंगी, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को तुरंत सजा मिल सके।

