नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को लेकर गुरुवार को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में क्षेत्रीय हालात, सुरक्षा चुनौतियों और भारतीय नागरिकों के हितों की सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पश्चिम एशिया में हो रहे सभी घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखी जाए और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए एकीकृत एवं समन्वित व्यवस्था के तहत तेजी से आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती परिस्थितियों के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से समुद्री यात्रियों और उनके परिवारों के लिए समय पर जानकारी, आपातकालीन सहायता और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था स्थापित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े भारतीयों तक सही और त्वरित सूचना पहुंचाई जाए।
CCS की बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संभावित प्रभावों, सुरक्षा स्थिति और भारत के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार लगातार वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर कई देशों ने चिंता जताई है। भारत भी स्थिति पर नजर रखते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
