महानदी विवाद के समाधान की नई पहल, साझा जल प्रबंधन पर सहमत हुए छत्तीसगढ़-ओडिशा : सीएम साय

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रायपुर। महानदी जल बंटवारे के मुद्दे के स्थायी और सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में नई दिल्ली के श्रमशक्ति भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है और इसका जल किसानों, पेयजल व्यवस्था, उद्योग, पर्यावरण तथा आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस विषय को विवाद नहीं, बल्कि सहयोग और संवाद के माध्यम से समाधान की नई शुरुआत के रूप में देखती है। उन्होंने दोनों राज्यों के हितों को परस्पर पूरक बताते हुए ऐसा समाधान विकसित करने पर जोर दिया, जिससे किसी भी पक्ष के हित प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि कम वर्षा वाले वर्षों के लिए साझा जल प्रबंधन प्रणाली तैयार की जाए और जल उपलब्धता, उपयोग तथा भविष्य की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा के लिए स्थायी संस्थागत तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर अधिकतम मामलों का समाधान आपसी समन्वय से करने तथा केवल नीतिगत विषयों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर लाने की बात कही।

सीएम साय ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग, समयबद्ध कार्ययोजना तथा दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक सहमति आधारित समझौता तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि केंद्र के मार्गदर्शन में दोनों राज्य मिलकर महानदी जल विवाद का स्थायी समाधान निकालेंगे, जिससे किसानों, नागरिकों, उद्योगों और पर्यावरण का भविष्य सुरक्षित एवं समृद्ध होगा।