रायपुर। राजधानी रायपुर में पिछले वर्ष कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार की गई “क्यूट गणेश” की प्रतिमा काफी चर्चा में रही थी। इस बार आगामी गणेशोत्सव से पहले एआई के माध्यम से देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एआई के जरिए हिंदू देवी- देवताओं की आपत्तिजनक एवं विवादित प्रतिमाओं के निर्माण और प्रसार पर रोक लगाने की मांग की है।
एआई का प्रयोग धार्मिक परंपराओं और आस्था के अनुरूप नहीं
बजरंग दल ने ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कुछ लोग एआई तकनीक का दुरुपयोग करते हुए हिंदू देवी-देवताओं की ऐसी प्रतिमाएं और तस्वीरें तैयार कर रहे हैं। जो धार्मिक परंपराओं और आस्था के अनुरूप नहीं हैं। इन प्रतिमाओं को सोशल मीडिया सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि तकनीक का उपयोग धार्मिक विषयों में पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। यदि एआई के माध्यम से देवी-देवताओं के स्वरूप को विकृत या आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। तो इससे सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
एआई से बनी मूर्तियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग
संगठन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एआई के माध्यम से बनाई जा रही आपत्तिजनक एवं विवादित मूर्तियों के निर्माण, बिक्री और प्रचार-प्रसार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही ऐसे लोगों और संस्थाओं के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, जो धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री तैयार कर रहे हैं या उसका प्रसार कर रहे हैं।
कार्रवाई नहीं, तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाकर सामाजिक सद्भाव, शांति और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई करे। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि इस संबंध में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन स्वयं इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आंदोलन करने को बाध्य होगा।


