वाशिंगटन। रूस से तेल आयात करने वाले देशों पर अमेरिका की सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। अमेरिकी सीनेट ने रूस प्रतिबंध विधेयक (Russia Sanctions Bill) को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। इस बिल के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। यदि यह कानून लागू होता है, तो भारत समेत चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
यह विधेयक रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका चाहता है कि, दुनिया के देश रूस से ऊर्जा खरीद कम करें, ताकि उसकी आय पर असर पड़े। भारत के लिए यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि हाल के वर्षों में उसने अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा रियायती रूसी तेल से पूरा किया है।
गौरतलब है कि, अमेरिका पहले भी भारत को रूस से तेल खरीदने पर चेतावनी दे चुका है। फिलहाल भारत पर 10% अमेरिकी टैरिफ लागू है, लेकिन नया कानून प्रभावी होने पर यह बढ़कर 100% तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और कानून लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
