नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम होने के संकेत मिलते ही वैश्विक तेल बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली। संघर्ष विराम की उम्मीदों के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.8 प्रतिशत गिरकर लगभग 87.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड करीब 5 प्रतिशत टूटकर 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
तेल की कीमतों में यह गिरावट तब आई जब ईरान ने संकेत दिया कि अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई रुकने पर वह भी आगे हमले नहीं करेगा। इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तेल बाजार में जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
हॉर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे अहम समुद्री रास्तों में आपूर्ति बाधाओं को लेकर अब भी चिंता बनी हुई है। पिछले कुछ हफ्तों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। वहीं, तेल कीमतों में नरमी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 41 पैसे मजबूत होकर 96.15 पर खुला।
