रायपुर। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल हो चुका है। प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह स्थान रोमांचक सफारी अनुभव के साथ वन्यजीवों को करीब से जानने का अवसर प्रदान कर रहा है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली नंदनवन जंगल सफारी में शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी, लायन सफारी और जू जोन प्रमुख आकर्षण हैं। यहां पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने के साथ उनके संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को भी समझ सकते हैं।
नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर के नंदनवन मिनी जू के रूप में हुई थी। बाद में नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित की गई और 1 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन तथा लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए समय-समय पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
नंदनवन जंगल सफारी में शाकाहारी सफारी में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव देखे जा सकते हैं, वहीं टाइगर सफारी, भालू सफारी और सिंह सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव मौजूद हैं। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे विशेष वन्यजीव भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वन विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785 से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया।
नंदनवन जंगल सफारी में जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। नवा रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित यह जंगल सफारी रायपुर से आसानी से पहुंच योग्य है। स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से इसकी दूरी लगभग 15 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से करीब 35 किलोमीटर है। सोमवार को जंगल सफारी पर्यटकों के लिए बंद रहती है।
