रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने छात्रों के आंदोलन, वंदे मातरम् को लेकर प्रस्तावित नए नियम और टीएस सिंहदेव के उनके निवास पहुंचने पर बीजेपी की प्रतिक्रिया को लेकर सरकार को घेरा। छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि संसद की शुरुआत और सदन से लेकर सड़क तक हंगामा देखने को मिल रहा है, जिससे बीजेपी का अलोकतांत्रिक चेहरा सामने आ गया है। आंदोलन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद निंदनीय है।
भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार चाहती तो छात्रों को बुलाकर बातचीत कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलती का खामियाजा 22 लाख युवाओं को भुगतना पड़ रहा है और इस पूरे घटनाक्रम में 22 छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी सरकार पर है।
वंदे मातरम् पर भी साधा निशाना
वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नए नियमों पर भूपेश बघेल ने कहा कि वंदे मातरम् आजादी के आंदोलन का प्रतीक रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् गाने वालों को अंग्रेज जेल में डाल देते थे। बघेल ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस समय ये लोग अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे और बताते थे कि कौन वंदे मातरम् गा रहा है और सजा दिलवाते थे, लेकिन आज बड़े भक्त बनने का दावा कर रहे हैं।
टीएस सिंहदेव के घर पहुंचने पर बीजेपी को दिया जवाब
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के भूपेश बघेल के निवास पहुंचने पर बीजेपी द्वारा उठाए गए सवालों पर भी बघेल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी बेहद बेचैन है। विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने के बजाय सरकार ने ऐसा व्यवहार किया जैसे प्रस्ताव उनके खिलाफ हो। बघेल ने कहा कि सरकार के पास अपनी उपलब्धियां बताने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल पर चर्चा कर रही है।
टीएस सिंहदेव के उनके घर आने को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि सिंहदेव उनके बेटे चैतन्य को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक साल पहले चैतन्य के जन्मदिन पर ईडी (ED) आई थी। इस साल ईडी तो नहीं आया, टीएस सिंहदेव आ गए, लेकिन इससे भी बीजेपी को तकलीफ हो रही है।
