कबीरधाम। प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल भोरमदेव धाम में पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव धाम में भोरमदेव ईको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ईको ट्रेल का भ्रमण कर क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा और जैव विविधता का अवलोकन किया।
विजय शर्मा ने भोरमदेव धाम में भोरमदेव ईको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ईको ट्रेल का भ्रमण कर क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा और जैव विविधता का अवलोकन किया।
भोरमदेव ईको ट्रेल शुरू करने का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करना, पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इको-टूरिज्म को नई पहचान देना है। इस पहल से पर्यटकों को प्रकृति के करीब पहुंचने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
भोरमदेव धाम अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक विशेषताओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां स्थित प्राचीन मंदिरों के साथ-साथ आसपास के जंगल, पहाड़ियां और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ईको ट्रेल के माध्यम से क्षेत्र की जैव विविधता को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की योजना बनाई गई है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ईको ट्रेल जैसी योजनाएं प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक साबित होंगी।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करते हुए पर्यटन विकास समय की आवश्यकता है। इको-टूरिज्म के माध्यम से पर्यटक यहां की वनस्पतियों, वन्य जीवन और स्थानीय संस्कृति को करीब से समझ सकेंगे। यह पहल प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी लाभकारी होगी।
भोरमदेव ईको ट्रेल के जरिए पर्यटकों को प्राकृतिक रास्तों से गुजरने, स्थानीय वनस्पतियों और जैव विविधता को जानने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को गाइड सेवा, स्थानीय उत्पादों की बिक्री और पर्यटन सुविधाओं से जुड़े रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच बेहतर संतुलन बनाकर भोरमदेव की प्राकृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए। ईको ट्रेल का शुभारंभ क्षेत्र में पर्यटन विकास की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
