रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश के दौरान खुले गड्ढों और निर्माणाधीन स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास ने सभी नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने हाल के दिनों में हुई उन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है, जिनमें कॉलोनियों के निर्माणाधीन खुले गड्ढों, सड़कों पर बने गड्ढों और बारिश के दौरान पानी से ढकी नालियों में गिरने से बच्चों की मौत हुई है। आयोग ने इसे बेहद गंभीर विषय बताते हुए बच्चों के जीवन के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश के अनुसार सभी नगरीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान करेंगे। जहां संभव हो, गड्ढों को तत्काल भरने की कार्रवाई की जाएगी। यदि ऐसा संभव नहीं है तो उनके चारों ओर बैरिकेडिंग, बल्ली या अन्य सुरक्षा घेरा लगाया जाएगा ताकि कोई बच्चा या राहगीर दुर्घटना का शिकार न हो। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को भी निर्देश जारी करने को कहा है कि निर्माण कार्य के लिए खोदे गए नींव, कॉलम या अन्य गड्ढों को बिना सुरक्षा व्यवस्था के खुला न छोड़ा जाए। प्रत्येक निर्माण स्थल पर मजबूत सुरक्षा घेरा लगाया जाए और आवश्यकता होने पर चौकीदार या सुरक्षा कर्मी की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।
विभाग ने कहा है कि बारिश के मौसम में छोटे और बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में स्कूल आने-जाने या खेलते समय बच्चे अनजाने में इन गड्ढों में गिर सकते हैं, जिससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं। इसी कारण सभी निकायों को इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में नगरीय निकायों द्वारा कराए जाने वाले सभी निर्माण कार्यों में इन सुरक्षा निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक माह की कार्रवाई रिपोर्ट संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से संचालनालय को भेजना भी सुनिश्चित करना होगा।
