नई दिल्ली। योगिनी एकादशी 2026 को लेकर श्रद्धालुओं के बीच तिथि को लेकर भ्रम बना हुआ है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि श्रद्धा व नियमों के साथ इसे करने से मन को शांति, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष एकादशी यानी योगिनी एकादशी की तिथि 9 जुलाई की रात 9:31 बजे से शुरू होकर 10 जुलाई की रात 10:11 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इस बार व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 11 जुलाई को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 5:40 बजे से 8:24 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत का पूर्ण फल पाने के लिए पारण निर्धारित समय पर करना जरूरी माना जाता है।
पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित कर पीले फूल, चंदन, फल और भोग अर्पित करें। तुलसी दल का विशेष महत्व है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़ी जाती, इसलिए इसे पहले से रख लेना चाहिए। विधि-विधान से किया गया योगिनी एकादशी व्रत आध्यात्मिक शांति और शुभ फल प्रदान करने वाला माना जाता है।
