नई दिल्ली। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में स्थित लोकतक झील अपनी अनोखी प्राकृतिक संरचना के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यह नॉर्थ-ईस्ट की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मौजूद तैरते हुए द्वीप समय के साथ अपनी जगह बदलते रहते हैं। यही वजह है कि यह झील देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। लोकतक झील में तैरने वाले इन प्राकृतिक द्वीपों को फुमदी कहा जाता है। ये मिट्टी, जलीय पौधों और अन्य जैविक पदार्थों से मिलकर बनी ठोस संरचनाएं होती हैं, जो पानी की सतह पर तैरती रहती हैं। ये इतने मजबूत होते हैं कि स्थानीय मछुआरे इन पर झोपड़ियां बनाकर भी रहते हैं। झील में फैले गोलाकार फुमदी इसकी खूबसूरती को और खास बनाते हैं।
इस झील की एक और अनोखी पहचान कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क है, जो दुनिया का इकलौता फ्लोटिंग नेशनल पार्क माना जाता है। लगभग 40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान एक विशाल फुमदी पर स्थित है। यह विलुप्तप्राय संगाई हिरण का प्राकृतिक आवास है, जिसे उसकी विशेष चाल के कारण डांसिंग डियर भी कहा जाता है। इसके अलावा यहां ऊदबिलाव, कई दुर्लभ जलीय जीव और प्रवासी पक्षियों की अनेक प्रजातियां भी देखने को मिलती हैं। लोकतक झील अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए भी जानी जाती है। सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जिससे यह स्थान बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए भी बेहद खास बन जाता है। झील के बीच बने फ्लोटिंग होमस्टे में ठहरना पर्यटकों के लिए एक अनोखा और यादगार अनुभव माना जाता है।
