लगातार बारिश से पूर्वोत्तर में तबाही, अरुणाचल में 3 की मौत, असम के 257 गांव जलमग्न

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नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने अरुणाचल प्रदेश और असम में बाढ़ और भूस्खलन की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। अरुणाचल प्रदेश के 12 जिले बाढ़ और लैंडस्लाइड से प्रभावित हैं, जबकि असम के 5 जिलों में करीब 45 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हालात को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। भारतीय वायुसेना भी राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई है।

अरुणाचल प्रदेश में बारिश बनी आफत, 3 लोगों की मौत
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। 24 जून को केयी पान्योर जिले में नदी के तेज बहाव में बह गए 5 लोगों में से 3 के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं। लोअर दिबांग वैली में सिसिरी नदी में फंसे 4 लोगों को भारतीय वायुसेना ने सुरक्षित बाहर निकाला।

सड़कें और पुल बहने से कई गांवों का संपर्क टूटा
लगातार बारिश से रोइंग-अनिनी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। पूर्वी सियांग जिले में सड़क टूटने से यागरुंग, टेकांग और सिबुत गांवों का पासीघाट से संपर्क पूरी तरह कट गया है। रुकसिन क्षेत्र में बादल फटने से कई घर जलमग्न हो गए, जबकि रेमा पुल ढह गया और बोकरंग पुल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

असम के 257 गांव बाढ़ की चपेट में, 45 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के 257 गांव जलमग्न हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में है, जहां करीब 41 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और नलबाड़ी जिले भी बाढ़ से जूझ रहे हैं। बाढ़ के कारण 4,278 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जबकि 76 हजार से ज्यादा पालतू पशु भी इसकी चपेट में आए हैं। धेमाजी के जोनाई क्षेत्र में एक व्यक्ति के बहने की भी खबर है।

दो बड़े पुल ढहे, रेल और सड़क यातायात प्रभावित
धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना महत्वपूर्ण पुल ढहने के बाद मुर्कोंगसेलेक-शिलापाथर रेलखंड पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। वहीं, जोनाई में केमी नदी पर बना करीब 300 मीटर लंबा पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे आसपास के कई इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

अमित शाह ने दिया मदद का भरोसा
गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए व्यापक योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

लगातार जारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।