नई दिल्ली। केप वर्डे की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप में इतिहास रचते हुए पहली बार नॉकआउट चरण में जगह बना ली है। ग्रुप H में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने अपने ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया और अंतिम-32 (Round of 32) में प्रवेश कर लिया। अब इस ऐतिहासिक सफर में केप वर्डे का सामना डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।
शनिवार को खेले गए अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में केप वर्डे ने सऊदी अरब को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। यह मैच बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी गोल नहीं हो सका। इसी ग्रुप के दूसरे मुकाबले में स्पेन ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम रखा और ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया।
5 लाख की आबादी वाला देश बना सबसे बड़ा सरप्राइज
सिर्फ लगभग 5 लाख की आबादी वाला यह छोटा सा अफ्रीकी देश इस टूर्नामेंट में सबसे बड़ा सरप्राइज बनकर उभरा है। केप वर्डे ने अपने तीनों ग्रुप मैचों में अजेय रहते हुए फुटबॉल जगत को चौंका दिया है। टीम ने न केवल अनुशासित खेल दिखाया, बल्कि बड़े देशों के खिलाफ भी कड़ी टक्कर दी।
अर्जेंटीना से होगी अगली भिड़त
अब केप वर्डे का सामना 4 जुलाई को मियामी में अर्जेंटीना जैसी दिग्गज टीम से होगा, जिसकी कप्तानी लियोनेल मेसी के हाथों में है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मुकाबला बेहद कठिन माना जा रहा है, लेकिन केप वर्डे की टीम के पास इतिहास रचने का सुनहरा अवसर भी है।
गोलकीपर वोजिन्हा बने टीम के हीरो
पूरे ग्रुप स्टेज में केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने शानदार प्रदर्शन किया। सऊदी अरब के खिलाफ मैच में उन्होंने कई अहम गोल बचाकर टीम को हार से बचाया। कोच ‘बुबिस्टा’ ने इस मुकाबले में कई बदलाव किए, लेकिन टीम की रक्षा पंक्ति और गोलकीपर पर भरोसा बनाए रखा, जो सही साबित हुआ।
ग्रुप H का समीकरण
ग्रुप H में स्पेन ने 7 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि केप वर्डे 3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही और नॉकआउट में प्रवेश किया। उरुग्वे और सऊदी अरब की टीमें 2-2 अंकों के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
केप वर्डे की यह उपलब्धि फुटबॉल इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है, जहां एक छोटे से देश ने दुनिया के बड़े मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
