कोरिया। बैकुंठपुर स्थित एसईसीएल (SECL) के जीएम कार्यालय में पदस्थ रहे एक लिपिक पर टेंडर दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी को विभाग ने सेवा से बर्खास्त भी कर दिया है। जानकारी के अनुसार, पटना थाना क्षेत्र के ग्राम महोरा निवासी सुनील कुमार साहू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मुलाकात एसईसीएल बैकुंठपुर कार्यालय में कार्यरत लिपिक राजेश कुमार सिदार से हुई थी। आरोपी ने उसे लगभग एक करोड़ रुपये का पार्ट्स सप्लाई का ठेका दिलाने का झांसा दिया और इसके बदले 25 लाख रुपये एडवांस की मांग की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 6 जुलाई 2020 को आरोपी उसके घर महोरा पहुंचा और धीरे-धीरे किश्तों में पैसे लेने लगा। उसने 13 लाख रुपये नकद अपने परिचितों और रिश्तेदारों से उधार लेकर दिए। इसके अलावा शेष 12 लाख रुपये बजाज फाइनेंस लिमिटेड, अंबिकापुर से प्रॉपर्टी लोन लेकर दिए गए। इस तरह कुल 25 लाख रुपये देने के बाद आरोपी ने कुछ समय तक टालमटोल किया और बाद में कहा कि ठेका नहीं मिल पाएगा, लेकिन वह पैसे लौटा देगा। पीड़ित ने बताया कि बाद में आर्थिक दबाव बढ़ने पर उसने चोलामंडलम फाइनेंस लिमिटेड से 27 लाख रुपये का नया लोन लिया।
जिससे पुराने कर्ज चुकाए गए। वर्तमान में उसे लगभग 40 हजार रुपये मासिक किश्त चुकानी पड़ रही है। आरोप है कि पैसे मांगने पर आरोपी उसे अंबिकापुर, शंकरगढ़, कुसमी और यहां तक कि उसके पैतृक गांव सक्ती तक बुलाता रहा, लेकिन रुपये वापस नहीं किए। बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। मामले की शिकायत पर पटना थाना पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार सिदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इधर, विभागीय कार्रवाई में एसईसीएल ने भी लिपिक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
