BREAKING NEWS छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा 2026 पुनर्मूल्यांकन के बाद 10वीं-12वीं की मेरिट सूची में 13-13 छात्रों की बढ़ोतरी

Follow Us

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने बोर्ड परीक्षा 2026 के पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन के परिणाम जारी कर दिए हैं। इस प्रक्रिया के बाद 10वीं और 12वीं दोनों ही कक्षाओं की मेरिट सूची में 13-13 नए विद्यार्थियों को स्थान मिला है। इसके साथ ही हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की मेरिट सूची में कुल संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पुनर्मूल्यांकन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अंकों में बदलाव हुआ है, जिससे कई छात्रों को लाभ मिला है और वे मेरिट सूची में शामिल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पहले हाईस्कूल की मेरिट सूची में 42 विद्यार्थी शामिल थे, जो अब बढ़कर 55 हो गए हैं। वहीं हायर सेकेंडरी की मेरिट सूची में पहले 43 विद्यार्थी थे, जो अब 56 हो गए हैं। इस बदलाव के पीछे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसमें उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच की गई और अंकों में आवश्यक सुधार किया गया। माशिमं की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कई छात्र परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट थे और उन्होंने अंकों की पुनः जांच के लिए आवेदन किया था। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच की गई और परिणाम जारी किए गए।

आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल स्तर पर पुनर्गणना के लिए कुल 661 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 126 विद्यार्थियों के अंकों में वृद्धि दर्ज की गई। वहीं 635 मामलों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पुनर्मूल्यांकन के लिए 6167 आवेदन मिले, जिनमें से 3657 विद्यार्थियों के अंकों में सुधार हुआ, जबकि 2510 विद्यार्थियों के अंक यथावत रहे। इसी तरह हायर सेकेंडरी स्तर पर पुनर्गणना के लिए 1208 आवेदन आए, जिनमें से 140 अभ्यर्थियों के अंक बढ़े। वहीं पुनर्मूल्यांकन के लिए 11038 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6758 विद्यार्थियों के अंकों में वृद्धि हुई और बाकी मामलों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

माशिमं ने बताया कि बोर्ड द्वारा पुनर्मूल्यांकन नियमों में संशोधन किया गया है, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिला है। पहले 10 प्रतिशत तक अंक बढ़ने पर ही उसे वृद्धि माना जाता था, लेकिन नए नियम के अनुसार 5 प्रतिशत तक अंक बढ़ने पर भी उसे मान्य किया जा रहा है। इस बदलाव के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के परिणामों में सुधार हुआ है और मेरिट सूची पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।

सचिव पुष्पा साहू ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई है ताकि किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में मूल्यांकन में त्रुटि पाई जाएगी, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जांचकर्ताओं या मूल्यांकनकर्ताओं पर कार्रवाई की जा सकती है।

इस परिणाम के बाद छात्रों और अभिभावकों में राहत की भावना देखी जा रही है, क्योंकि कई विद्यार्थियों को उनके वास्तविक अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पुनर्मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ती है और छात्रों का भरोसा भी मजबूत होता है। छत्तीसगढ़ बोर्ड की यह प्रक्रिया इस बात का संकेत देती है कि परीक्षा प्रणाली को और अधिक निष्पक्ष और सुधारात्मक बनाया जा रहा है। इससे भविष्य में विद्यार्थियों को गलत मूल्यांकन से बचाने और सही अंक देने की दिशा में मदद मिलेगी।