एक दिन, दो तस्करी पर चोट अंबागढ़ चौकी में शराब, महासमुंद में गांजा जब्त

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मोहला-मानपुर। अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर चेकप्वाइंट पर शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई है, जबकि महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया गया है। दोनों मामलों में पुलिस ने तस्करी के संगठित नेटवर्क की जांच तेज कर दी है और कई अहम सुराग जुटाने का दावा किया है। मोहला-मानपुर क्षेत्र में मानपुर मुख्यालय के चेकप्वाइंट पर पुलिस ने शनिवार की दोपहर एक संदिग्ध ट्रक को रोका, जिसमें मध्य प्रदेश निर्मित शराब की बड़ी खेप छिपाकर महाराष्ट्र की ओर ले जाई जा रही थी।

यह ट्रक अशोक लीलैंड कंपनी का था, जिसका नंबर सीजी 15 डी जेड 4515 बताया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह खेप मध्य प्रदेश के मुलताई से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के लिए भेजी जा रही थी। पुलिस ने बताया कि यह पूरा माल रास्ते में अवैध तरीके से सप्लाई किया जा रहा था और इसे चेकप्वाइंट पर समय रहते पकड़ लिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती अनुमान के अनुसार जब्त की गई शराब की कीमत करीब 70 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इससे पहले भी इस रूट से अवैध शराब की सप्लाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह रूट लंबे समय से तस्करों के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है, जहां मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक शराब की अवैध ढुलाई की जाती है।

इसी तरह महासमुंद जिले में 30 मई को सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की। यहां कंपनी के सामान की आड़ में गांजा तस्करी की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक टाटा माजदा वाहन को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 24 बोरियों में करीब 600 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। यह गांजा ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा था और इसे छिपाकर ले जाने की कोशिश की जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे निवासी महबूब बादशाह शेख को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और नगदी भी बरामद की गई है, साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किया गया वाहन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे और अन्य सामग्री की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 12 लाख रुपये आंकी गई है।

दोनों मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह तस्करी किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है, जिसमें अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि माल की सप्लाई लाइन कहां से शुरू होती है और किन-किन रास्तों से इसे आगे पहुंचाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले लंबे समय से तस्करों के लिए ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जहां शराब और मादक पदार्थों की अवैध ढुलाई की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं। हाल की कार्रवाइयों को पुलिस ने बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि आगे भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।