विदेशी टी20 लीगों पर बीसीसीआई का कड़ा रुख: संन्यास लेते ही खेलने पर लगेगा 5 साल का ‘बैन’

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) विदेशी टी20 लीगों में खेलने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जल्दी संन्यास लेने वाले खिलाड़ियों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर चुका है। हाल ही में हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में इस गंभीर मुद्दे पर एक नई ‘सेवानिवृत्ति नीति’ (रिटायरमेंट पॉलिसी) बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बोर्ड इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों के आकर्षक पैसों के चक्कर में समय से पहले ही संन्यास का ऐलान कर रहे हैं।

इस सख्ती की बड़ी वजह ऑलराउंडर विजय शंकर का ताजा मामला है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेते ही लंका प्रीमियर लीग की टीम ‘कैंडी रॉयल्स’ के साथ करार कर लिया। इससे पहले दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह और उन्मुक्त चंद जैसे खिलाड़ी भी ऐसा कर चुके हैं। इस चलन को रोकने के लिए बीसीसीआई अब 5 साल का ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लाने पर विचार कर रहा है। इसके तहत यदि कोई खिलाड़ी संन्यास लेकर तुरंत विदेशी लीगों में खेलने जाता है, तो उस पर भारतीय क्रिकेट सिस्टम (जैसे कोचिंग या कमेंट्री) में लौटने पर कम से कम 5 साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

बीसीसीआई के मौजूदा नियमों के अनुसार, कोई भी एक्टिव भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग नहीं खेल सकता। खिलाड़ी सिर्फ तभी बाहर जा सकते हैं जब वे घरेलू क्रिकेट और आईपीएल सहित भारतीय क्रिकेट से पूरी तरह संन्यास ले लें। बोर्ड का उद्देश्य इस नियम के गलत फायदे को रोकना और देश की प्रतिभाओं को घरेलू क्रिकेट व आईपीएल के लिए बचाए रखना है। इस कड़े कानून पर अंतिम फैसला बीसीसीआई सचिव और अध्यक्ष के कानूनी पहलुओं को जांचने के बाद लिया जाएगा।