नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का गोचर एक युगांतकारी घटना माना जाता है। इस बार का गुरुवार बेहद दुर्लभ और चमत्कारी है, क्योंकि गुरु बृहस्पति ने अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर लिया है। गुरु जब भी उच्च के होते हैं, तो उनकी दिव्य और सकारात्मक ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। ज्ञान, धन, संतान, भाग्य और वैवाहिक सुख के कारक देवगुरु का यह राशि परिवर्तन जीवन की सभी रुकावटों को दूर करने वाला है। यदि आप करियर में उन्नति, व्यापार में मुनाफा या शीघ्र विवाह की कामना रखते हैं, तो इस शुभ घड़ी में किए गए छोटे-छोटे उपाय तुरंत और बेहद प्रभावशाली परिणाम देंगे।
इस महासंयोग का पूरा लाभ उठाने के लिए गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण कर पूजा करें। भगवान विष्णु को केले, पीले फूल, चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। इस विशेष समय में ‘विष्णु सहस्त्रनाम’ का पाठ करना संजीवनी की तरह काम करता है, जिससे मानसिक शांति और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, तुलसी की माला से ‘ॐ बृं बृहस्पते नमः’ मंत्र का जाप करने से आपकी आर्थिक स्थिति रॉकेट की तरह मजबूत होगी और घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।

यदि विवाह में लगातार अड़चनें आ रही हैं, तो गुरुवार को केले के पेड़ की जड़ में जल अर्पित कर चने की दाल और गुड़ चढ़ाएं, इससे विवाह के मजबूत योग बनेंगे। वैवाहिक जीवन के तनाव को दूर करने के लिए इस दिन व्रत रखना अमृत समान फल देता है। बस ध्यान रखें कि इस दिव्य समय में किसी से भी धन का लेनदेन (उधार) न करें, ताकि आपका आर्थिक संतुलन बिगड़ने से बचे। देवगुरु के इस पावन गोचर काल में श्रद्धा से किए गए ये कर्म आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं।
