नई दिल्ली। आजकल फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर लोग काफी जागरूक हो चुके हैं और अपने आहार में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर खास ध्यान दे रहे हैं। मांसपेशियों के विकास, ऊतकों की मरम्मत और शरीर में ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए प्रोटीन एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है। आमतौर पर लोग प्रोटीन की कमी पूरा करने के लिए अंडा, चिकन या मछली जैसे मांसाहारी विकल्पों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए हमारा पारंपरिक भारतीय पेय ‘सत्तू का शरबत’ प्रोटीन का एक बेहतरीन और अचूक स्रोत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मात्र 100 ग्राम सत्तू में लगभग 20 से 25 ग्राम तक हाई-क्वालिटी प्रोटीन पाया जाता है, जो इसे पोषण के मामले में महंगे सप्लीमेंट्स के मुकाबले खड़ा करता है। मुख्य रूप से भुने हुए चने से तैयार होने वाले सत्तू में प्रोटीन के अलावा भरपूर मात्रा में फाइबर, आयरन और कैल्शियम जैसे आवश्यक मिनरल्स भी मौजूद होते हैं।
विशेषकर गर्मियों के मौसम में सत्तू का शरबत न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है, बल्कि दिनभर ऊर्जावान भी बनाए रखता है। इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है, कब्ज की समस्या से राहत देता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे वजन नियंत्रित करना आसान हो जाता है। यही वजह है कि अब ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिम जाने वाले और फिटनेस के प्रति जागरूक लोग इसे एक बेहतरीन ‘पोस्ट-वर्कआउट ड्रिंक’ के रूप में पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह पूरी तरह प्राकृतिक, किफायती और आसानी से उपलब्ध होने वाला सुपरफूड है। हालांकि, किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ की तरह सत्तू का सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए ताकि इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
