नई दिल्ली। आजकल 20 से 30 साल के युवाओं में गर्दन, कमर और कंधों में दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। घंटों लैपटॉप के सामने बैठना, खराब पोस्चर, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और अधूरी नींद इसके मुख्य कारण हैं। हेल्थ टेक कंपनी ‘क्यूरापॉड’ (CURAPOD) के सह-संस्थापक सूर्या मागुलुरी के अनुसार, ज्यादातर युवा इस दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए पेनकिलर खा लेते हैं और वापस काम पर लग जाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत उनके शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेनकिलर केवल कुछ समय के लिए दर्द को दबाता है, यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। दवाओं पर अत्यधिक निर्भरता आगे चलकर क्रॉनिक मसल पेन और जोड़ों की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए युवाओं को अपनी जीवनशैली सुधारनी होगी। हर एक-दो घंटे में काम के बीच ब्रेक लें, स्ट्रेचिंग करें और सही पोस्चर में बैठें। इसके साथ ही, रोज योग या एक्सरसाइज करना और पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय अपनी लाइफस्टाइल बदलें और समस्या बढ़ने पर डॉक्टर या फिजियोथैरेपिस्ट से सलाह लें।
