सरकारी जमीन पर ‘मौत का गड्ढा’! सेल्के कंपनी के अवैध मुरूम खनन से गांवों में हड़कंप

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अभनपुर। क्षेत्र के कई गांवों में सेल्के कंपनी द्वारा नियमों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर अवैध मुरूम खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी दो भारी माउंटेन मशीनों की मदद से सरकारी जमीन की अंधाधुंध खुदाई कर रही है। इससे गांवों की शासकीय भूमि 25 से 40 फीट गहरी खाइयों में तब्दील हो गई है, जिसे ग्रामीण “मौत का कुआं” बता रहे हैं। सबसे ज्यादा असर ठेलकाबांधा, खोरपा और संकरी गांवों में देखा जा रहा है। यहां ओवरलोड 16 चक्का ट्रकों से लगातार मुरूम परिवहन किया जा रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। राहगीरों और ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि, कंपनी को सीमित मात्रा में रॉयल्टी मिली थी, लेकिन उससे कई गुना अधिक मुरूम निकाली जा चुकी है। आरोप है कि जहां 10 घनमीटर की अनुमति है, वहीं 40 घनमीटर तक मुरूम ट्रकों में भरकर परिवहन किया जा रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे के रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष माखन ताम्रकार ने चेतावनी दी है कि, यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो एसडीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं एसडीएम रवि सिंह ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।