वाशिंगटन। ईरान के नए सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मोजतबा खामेनेई को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई पिछले दो महीनों से पूरी तरह भूमिगत हैं और उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। ईरानी सुरक्षा बलों ने उन्हें किसी बेहद सुरक्षित और अज्ञात स्थान पर छिपा रखा है। इस कदर कड़े पहरे और गोपनीयता के बीच, ईरान सरकार और अमेरिकी प्रशासन के बीच होने वाली संभावित शांति वार्ताओं में भारी रुकावट आ रही है।
दावा किया जा रहा है कि, सुप्रीम लीडर तक पहुंचने का अब कोई सीधा जरिया नहीं बचा है। उन तक कोई भी बात पहुंचाने के लिए संदेशवाहकों (मैसेंजर और कूरियर) के एक बेहद जटिल और भूलभुलैया वाले नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थिति यह है कि ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत के लिए अधिकृत खुद ईरान के बड़े अधिकारियों को भी अपने ही सर्वोच्च नेता से संपर्क साधने में नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। जब भी अमेरिका किसी समझौते का प्रस्ताव भेजता है, तो मैसेंजरों के इस मकड़जाल के कारण अंतिम जवाब आने में हफ़्तों का समय लग रहा है। खामेनेई सीधे बातचीत करने के बजाय केवल चुनिंदा निर्देश ही अपने अधीनस्थों तक पहुंचा पा रहे हैं।
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। युद्ध की शुरुआत से ही उन्हें न तो सार्वजनिक रूप से देखा गया है और न ही उनका कोई वीडियो या ऑडियो संदेश सामने आया है। अमेरिका का मानना है कि उनकी गंभीर शारीरिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से ही उन्हें इस तरह एकांतवास में रखा गया है, जिसने अब ईरान के पूरे सरकारी तंत्र को मैसेंजरों के भरोसे छोड़ दिया है।
