कूलर में मटका रखने से क्या सच में बढ़ती है कूलिंग? जानें वायरल ट्रिक के पीछे का विज्ञान

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नई दिल्ली। लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों का हाल इन बा दिन बेहाल होते जा रहा है। जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोग घरों को ठंडा रखने के लिए नए-नए देसी और सस्ते तरीके अपना रहे हैं। आजकल इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वायरल जुगाड़ (Viral Matka Hack for Cooler) में लोग अपने कूलर की पानी वाली टंकी के अंदर मिट्टी का एक छोटा सा मटका या बर्तन रखते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल इन दिनों इंटरनेट पर वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर्स का दावा है कि इस साधारण सी ट्रिक को अपनाते ही आपका साधारण कूलर सीधे एयर कंडीशनर (AC) की तरह ठंडी हवा फेंकने लगेगा और कमरा मिनटों में शिमला बन जाएगा। इस दावे के बाद बड़ी संख्या में आम लोग बाजार से मटके खरीदकर अपने कूलर्स में फिट करने लगे हैं। लेकिन क्या वाकई मिट्टी का यह बर्तन कूलर को और कूल बना सकता है, या यह सिर्फ व्यूज बटोरने का एक और सोशल मीडिया स्टंट है? आइए इसके पीछे के विज्ञान को समझते हैं।

आपको बा दें की गर्मियों में ज्यादातर लोग मटके का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं। पहले यह सिर्फ गांवों में ज्यादा इस्तेमाल होता था, लेकिन अब शहरों में भी लोग फ्रिज की बजाय मटके का पानी पसंद करने लगे हैं। इसकी वजह है इसका नेचुरल तरीके से पानी ठंडा करना। वहीं असल में मटके की मिट्टी में बहुत छोटे-छोटे और अदृश्य छेद होते हैं। इन छेदों से थोड़ा-थोड़ा पानी बाहर की सतह तक पहुंचता है और हवा के संपर्क में आकर धीरे-धीरे भाप बनकर उड़ जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण (Evaporation) कहा जाता है। इसी वजह से मटके के अंदर का पानी अपने आप ठंडा बना रहता है। इसी साइंस को देखकर लोगों ने तरकीब लगाई कि क्यों न कूलर की टंकी में भी छोटा मटका रख दिया जाए तो? क्या इससे वहां भी पानी ज्यादा ठंडा रहेगा। फिर जब वही पानी कूलर के पैड्स पर जाएगा, तो हवा भी पहले से ज्यादा ठंडी महसूस हो सकती। यही वजह है कि आजकल यह जुगाड़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वहीं कई लोगों के मन में ये शंका भी है, की क्या सच में ये ट्रिक काम करेगी ? सोशल मीडिया का क्रेज तो अधिकतर लोगों के दिमाग में चढ़ा है। ऐसे में अगर आप भी इस जुगाड़ को आजमाने की सोच रहे हैं, तो पहले एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों की राय जान लीजिए। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह जुगाड़ थोड़ा बहुत असरदार हो सकता है और पानी में थोड़ी बहुत ठंडक बढ़ा सकता है, लेकिन इससे कूलिंग में कोई बहुत बड़ा या फर्क नहीं पड़ता है। न ही यह कोई मैजिक ट्रिक है। कूलर से आने वाली ठंडी हवा इस बात पर निर्भर करती है कि कमरे में एयर फ्लो (हवा का बहाव) कैसा है और पानी का वाष्पीकरण कितनी तेजी से हो रहा है। मटका केवल अपनी क्षमता भर के पानी को थोड़ा ठंडा रख सकता है, लेकिन पूरे कूलर की कार्यक्षमता को बदलकर उसे एसी जैसा बना देना मुमकिन नहीं है। इतना ही नहीं, अगर आप सोशल मीडिया के बहकावे में आकर अपनी टंकी में कोई बड़ा या भारी मटका रख देते हैं, तो वह टंकी के अंदर पानी के नेचुरल फ्लो (बहाव) को भी रोक सकता है। इससे पानी खींचने वाले वाटर पंप पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे पंप समय से पहले फुंक या खराब हो सकता है और कूलर की काम करने की क्षमता भी कम हो सकती है।