दिखने में एक जैसे, पर असर में बिल्कुल अलग! जानिए आपके शरीर के लिए योग बेहतर है या पिलेट्स

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नई दिल्ली। अगर आप अपनी फिटनेस को लेकर गंभीर हैं, तो आपने योग और पिलेट्स (Pilates) का नाम जरूर सुना होगा। दोनों ही लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज हैं और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं, लेकिन अक्सर लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं। असल में, इन दोनों का इतिहास, तरीका और शरीर पर असर बिल्कुल अलग है।

योग सदियों पुरानी भारतीय परंपरा है, जो न केवल शारीरिक मुद्राओं (आसनों) बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति पर भी ध्यान केंद्रित करती है। इसमें हठ, विन्यास और अष्टांग जैसी कई शैलियां शामिल हैं, जो शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ ध्यान और गहरी सांसों के जरिए तनाव को कम करती हैं। इसके विपरीत, पिलेट्स की शुरुआत 20वीं सदी में जर्मन फिटनेस ट्रेनर जोसेफ पिलेट्स ने की थी। यह पूरी तरह से फिटनेस पर आधारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर की ‘कोर मसल्स’ यानी पेट, पीठ के निचले हिस्से और हिप्स को मजबूत करना है। सेलिब्रिटीज की पहली पसंद बनने के बाद हाल के दिनों में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।

इन दोनों का सबसे बड़ा अंतर इनके लक्ष्यों और सांस लेने के तरीके में है। जहाँ योग मन की शांति, अंदरूनी जागरूकता और लचीलेपन (Flexibility) पर जोर देता है, वहीं पिलेट्स शरीर की ताकत, मसल टोनिंग, सही पोस्चर और किसी चोट के बाद रिकवरी के लिए बेहतरीन माना जाता है। योग में सांस लेने की प्रक्रिया धीमी और ध्यान केंद्रित करने वाली होती है, जबकि पिलेट्स में सटीक मूवमेंट और मसल्स को एक्टिव रखने के लिए सांसों को नियंत्रित किया जाता है। पिलेट्स की एक्सरसाइज काफी स्ट्रक्चर्ड और रिपीट होने वाली होती हैं, जबकि योग में एक ही पोज़ को ज्यादा देर तक होल्ड करना होता है। अपनी शारीरिक जरूरतों को समझकर आप इन दोनों में से किसी एक को चुन सकते हैं।