नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में लोगों से जनगणना 2027 में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने इसे सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी बताते हुए इसके डिजिटल फ्रेमवर्क और आसान पहुँच पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने जनगणना को दुनिया का सबसे बड़ा जनसंख्या अभ्यास बताते हुए सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया और नागरिकों की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस बार नागरिक अपनी जानकारी खुद डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकते हैं, और प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें एक विशेष ID मिलेगी, जिसे घर पर आए सेंसस स्टाफ को दिखाना होगा। मोदी ने बताया कि अब तक लगभग 1.2 करोड़ परिवारों का घरों की लिस्टिंग काम पूरा हो चुका है। उन्होंने जनगणना को सिर्फ सरकारी काम नहीं, बल्कि हर भारतीय की साझा जिम्मेदारी बताया और सुरक्षा और गोपनीयता के आश्वासन दिए। सेंसस 2027, स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जिसमें डिजिटल इंटीग्रेशन और मजबूत डेटा सुरक्षा के साथ बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। यह प्रक्रिया दो चरणों में होगी – अप्रैल और सितंबर 2026 में घरों की लिस्टिंग और फरवरी 2027 में जनसंख्या की गिनती। प्रधानमंत्री ने शिक्षा, नवाचार, पर्यावरण, विरासत और भारत की वैश्विक उपलब्धियों पर भी चर्चा की। उन्होंने स्कूली बच्चों से छुट्टियों का सही इस्तेमाल करने और कुछ नया सीखने की अपील की। मोदी ने भारतीय छात्रों के यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड में प्रदर्शन की सराहना की, जिसमें भारत की टीम ने दुनिया में छठा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, ब्लैकबक्स, फ्लेमिंगो और अन्य पर्यावरणीय प्रयासों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने विंड और न्यूक्लियर ऊर्जा में भारत की प्रगति को भी उजागर किया, बताते हुए कि देश ने विंड एनर्जी क्षमता में दुनिया में चौथा स्थान हासिल किया है और कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में अहम प्रगति की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में 2027 जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील
