खैरागढ़। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध मण्डीप खोल गुफा 27 अप्रैल को एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खुलेगी। साल में केवल एक दिन खुलने वाली यह रहस्यमयी गुफा लाखों लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है। अक्षय तृतीया के बाद पहले सोमवार को खुलने वाली इस गुफा में भगवान शिव के दुर्लभ दर्शन की मान्यता है, जिसके चलते छत्तीसगढ़ ही नहीं, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित इस गुफा तक पहुंचना आसान नहीं है। कठिन रास्तों और नदी पार कर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गुफा के भीतर प्राकृतिक शिवलिंग, पवित्र कुंड और ‘श्वेत गंगा’ जलधारा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं।

परंपरा के अनुसार सबसे पहले ठाकुरटोला राजपरिवार पूजा-अर्चना करेगा, इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू होंगे। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और मूलभूत सुविधाओं की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराया जा सके। इधर वैज्ञानिकों ने गुफा के संवेदनशील प्राकृतिक तंत्र को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि, अत्यधिक भीड़, शोर और प्रदूषण से गुफा के जैविक संतुलन पर असर पड़ सकता है। गुफा संरक्षण के लिए नियंत्रित प्रवेश और अंदर धार्मिक गतिविधियों को सीमित रखने की सलाह दी गई है। मण्डीप खोल अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि प्रकृति, रोमांच और वैज्ञानिक महत्व का भी अनोखा संगम बन चुकी है। 27 अप्रैल को यहां एक बार फिर आस्था का महाकुंभ सजने जा रहा है।
