नई दिल्ली। माइनिंग सेक्टर की बड़ी कंपनी वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर को लेकर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। कंपनी ने 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय कर दी है, जिसके बाद इसके शेयरों में तेज़ी दर्ज की गई। घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार में वेदांता के शेयर 3% से अधिक उछलकर नए स्तरों पर पहुंच गए। हालांकि, कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से बीच-बीच में हल्की गिरावट भी देखी गई, लेकिन मजबूत खरीदारी के चलते शेयरों में स्थिरता बनी रही। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में शेयर ने 794.90 रुपये का 52-हफ्तों का उच्च स्तर भी छू लिया।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि, डीमर्जर की घोषणा ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है और भविष्य में वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद बढ़ी है। कंपनी की योजना के तहत वेदांता को कई स्वतंत्र कारोबार इकाइयों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें एल्युमीनियम, पावर, ऑयल एंड गैस और आयरन-स्टील जैसे प्रमुख सेक्टर शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य बिजनेस स्ट्रक्चर को सरल बनाना और प्रत्येक यूनिट को स्वतंत्र रूप से बढ़ने का अवसर देना है। ब्रोकरेज हाउसेस ने भी इस स्टॉक पर सकारात्मक रुख अपनाया है। कई विश्लेषकों ने इसके लिए 899 से 915 रुपये तक का टारगेट प्राइस तय किया है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है। पिछले एक साल में वेदांता के शेयरों ने लगभग 100% का रिटर्न दिया है, जिससे यह बाजार के मजबूत परफॉर्मिंग स्टॉक्स में शामिल हो गया है।
