सक्ती। जिले के वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने अब तक 23 श्रमिकों की जान ले ली है, जबकि 12 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। बीते 12 घंटों में मृतकों की संख्या 20 से बढ़कर 23 हो गई, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई है। मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5 श्रमिक शामिल हैं, जबकि बाकी अन्य राज्यों से थे।
इस घटना के बाद पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन, प्लांट हेड समेत 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि, बॉयलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ा, जिससे पाइप हट गया और विस्फोट हो गया। फोरेंसिक रिपोर्ट ने भी इस तकनीकी खामी की पुष्टि की है। साथ ही, मशीनों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसने इस हादसे को और घातक बना दिया।
मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। सरकार और कंपनी दोनों ने मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और नौकरी देने की बात कही गई है, जबकि घायलों के इलाज और सहायता के लिए भी बड़ी राशि घोषित की गई है।
