मुंगेली। मुंगेली पुलिस ने शासकीय नल-जल योजना से जुड़े करोड़ों की नहीं, बल्कि करीब 6 लाख रुपये मूल्य के चोरी हुए डीआई पाइप बरामद करते हुए अंतर्राज्यीय चोरी के मामले का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत छाबड़ा और उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में थाना लोरमी पुलिस ने इस मामले में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी बालगा भास्कर राव ने 26 जून 2026 को थाना लोरमी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ग्राम गोड़खाम्ही नहर रोड स्थित निर्माण स्थल पर शासकीय नल-जल योजना के तहत 30 डीआई पाइप रखे गए थे। इनमें से 24 पाइप, जिनका आकार 250 एमएम था और जिनकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये थी, 10 जून 2026 के आसपास अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर थाना लोरमी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी किए गए पाइप मध्यप्रदेश के अनुपपुर-शहडोल मार्ग स्थित कुदौली क्षेत्र के एक कबाड़ी के यहां बेचे गए हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम मध्यप्रदेश पहुंची और कबाड़ी की दुकान पर दबिश दी। वहां दुकान संचालक अनुज कुमार नामदेव से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी के पाइप 13 जून 2026 को ट्रक क्रमांक CG 04 MG 3817 से लाए गए थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि पाइप अमित सिंह और ट्रक चालक से खरीदकर कटिंग कर कबाड़ के रूप में रखा गया था। पुलिस ने कबाड़ी की दुकान से चोरी हुए डीआई पाइप बरामद कर लिए और आरोपी अनुज कुमार नामदेव (20 वर्ष), निवासी पोड़ी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक की भी भूमिका थी। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की और न्यायालय के आदेश पर उसे बाल संप्रेषण गृह भेज दिया। पुलिस का कहना है कि इस चोरी में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश वैष्णव, उपनिरीक्षक अमित गुप्ता सहित थाना लोरमी की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सरकारी संपत्ति की चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

