नई दिल्ली। सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान शनिवार को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने महिला को पकड़ लिया और उसे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब महिला से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्याही फेंके जाने के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि नीला रंग उनका पसंदीदा रंग है। हालांकि, इस घटना को प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आंदोलन के दौरान हुए हमले के रूप में देखा है।
इससे पहले शनिवार सुबह सोनम वांगचुक को लेकर विवाद उस समय बढ़ गया, जब दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। वह NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे थे। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सोनम वांगचुक के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। दीपके ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जिस तरीके से हटाया गया, वह सही नहीं था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें ऐसे ले जाया जैसे किसी अपराधी को ले जाया जाता है। वहीं, उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक को उनके स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने दावा किया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई, जिसमें उनकी सेहत की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया था। वहीं, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो ने अस्पताल में भर्ती कराने के फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश नहीं था, बल्कि केवल स्वास्थ्य की निगरानी करने की बात कही गई थी। गीतांजलि अंग्मो ने सोशल मीडिया पर कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत की निगरानी कर रहे परिवार और डॉक्टरों की अनुमति के बिना उन्हें कोई दवा, भोजन या नसों के जरिए कोई तरल पदार्थ नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक की हालत शुक्रवार तक स्थिर थी और उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक अभी भी उपवास जारी रखे हुए हैं और केवल नमक वाला पानी ले रहे हैं। उनके अनुसार, अस्पताल में किए जा रहे मेडिकल टेस्ट और रिपोर्ट को लेकर परिवार अतिरिक्त पुष्टि चाहता है। सोनम वांगचुक ने अस्पताल ले जाने से पहले एक वीडियो संदेश भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि 20 दिनों की भूख हड़ताल के कारण उनके वजन और शरीर पर असर पड़ा है, लेकिन उनका मनोबल मजबूत है। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में लोगों से शामिल होने की अपील की थी। फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और अस्पताल में इलाज को लेकर उनके परिवार और प्रशासन के बीच मतभेद बना हुआ है।
