उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली उर्फ नंद गिरी कथित तौर पर जलती चिता के पास जाती और उसमें से कुछ निकालकर खाने का दावा करती दिखाई दे रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
वीडियो सामने आने के बाद साधु-संतों और अघोर परंपरा से जुड़े लोगों ने इसे अंतिम संस्कार की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी और अघोर अखाड़े के प्रमुख बाबा विष्णु नाथ ने कहा कि, सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के लिए इस तरह का प्रदर्शन परंपरा की गरिमा को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि, शुरुआती जानकारी में महिला का किसी मान्य अघोर गुरु-परंपरा से जुड़ाव स्पष्ट नहीं हुआ है।
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मामले में अघोर अखाड़े की ओर से जीवाजीगंज थाने में लिखित शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने वीडियो की तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि, जांच में यदि वीडियो और उसमें दिखाई गई गतिविधियां वास्तविक पाई जाती हैं, तो भारतीय न्याय संहिता के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने अघोर परंपरा और धार्मिक मर्यादाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
