मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से आयोजित तिरंगा विजय रैली में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और जेनरेशन जेड के लोग शामिल हुए। रैली के दौरान उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे लंबे समय बाद एक ही मंच पर नजर आए। सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “एक कॉकरोच जिसने सरकार को सबक सिखाया, यह असली विष्णु का अवतार है। यह अंधभक्तों के खिलाफ देशभक्तों की जीत है।” उनका यह बयान CJP को लेकर दिया गया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी।
उद्धव ठाकरे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस कथित बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें कहा गया था कि “एनडीए में इस्तीफे नहीं होते हैं।” इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्री ने क्या कहा है? धर्मेंद्र प्रधान की रक्षा तो कर ही नहीं पाए।” वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने अपने संबोधन में कोई बड़ा राजनीतिक बयान नहीं दिया। उन्होंने मुंबई पुलिस और दिल्ली पुलिस के कामकाज का जिक्र किया, लेकिन केंद्र सरकार या बीजेपी पर सीधा हमला करने से परहेज किया।
रैली को देखते हुए शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहा, जबकि सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी निगरानी करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मॉनिटरिंग वैन भी तैनात की गई थीं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे हुई। पहले इसे तिरंगा रैली के रूप में आयोजित किया जाना था, लेकिन बाद में इसे विजय सभा का स्वरूप दिया गया। इस दौरान एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय ने युवाओं को एकजुट किया है। उनके अनुसार, इस एकजुटता ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संदेश दिया है। रैली में शामिल कई समर्थकों ने भी कहा कि इस आंदोलन ने सरकार को जवाबदेह बनाने का संदेश दिया है।
