एअर इंडिया के 2 और पायलट ड्रग टेस्ट में फेल, फ्लाइट रोस्टर से हो गई छुट्टी

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नई दिल्ली। एयर इंडिया उड़ान में पायलट के कथित तौर पर ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद एयरलाइन की ओर से शुरू की गई जांच में दो और पायलट शुरुआती ड्रग टेस्ट में पास नहीं हो सके हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पायलटों को फिलहाल ड्यूटी से हटा दिया गया है और उनके अंतिम टेस्ट के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।

एयर इंडिया ने घटना के बाद अपने सभी पायलटों के ड्रग टेस्ट कराने का फैसला लिया था। यह जांच एयरलाइन की नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत की जा रही है। अब तक 300 से अधिक पायलटों का परीक्षण किया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, अंतिम जांच रिपोर्ट आने में सामान्यतः 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है।

केबिन क्रू की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक, फुकेत-दिल्ली उड़ान में मौजूद केबिन क्रू के एक सदस्य ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि उड़ान से पहले पायलट ने कथित तौर पर गांजा का सेवन किया था। शिकायत के बाद पायलट का ड्रग टेस्ट कराया गया, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आई।

हालांकि, किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अंतिम कार्रवाई फाइनल टेस्ट रिपोर्ट और संबंधित जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जाएगी।

टर्बुलेंस के दौरान 300 फीट नीचे आया था विमान
यह मामला 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI2379 में हुई टर्बुलेंस की घटना के बाद सामने आया। एयरबस A320 विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य समेत कुल 145 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था, जिससे लगभग 24 लोग घायल हो गए थे।

घटना के बाद विमान के पायलट-इन-कमांड का ड्रग टेस्ट कराया गया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आने के बाद एयरलाइन ने अपने सभी पायलटों की जांच कराने का निर्णय लिया।

पॉजिटिव आने पर क्या है नियम?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के नियमों के तहत यदि कोई पायलट या विमानन कर्मचारी मादक पदार्थों के सेवन की जांच में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे नशामुक्ति कार्यक्रम में भेजा जा सकता है। दोबारा पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित पायलट का लाइसेंस तीन वर्ष के लिए निलंबित किया जा सकता है। तीसरी बार नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस रद्द किए जाने का प्रावधान है।

फिलहाल एयर इंडिया के दोनों पायलटों के मामले में अंतिम टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।