एक ही परिसर में दो एकलव्य स्कूल, दोगुनी संख्या में रह रहे छात्र; पानी, बिजली और छात्रावास की व्यवस्था चरमराई

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कोंडागांव। जिले के फरसगांव में संचालित एकलव्य आदिवासी आवासीय विद्यालयों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों के रहने से व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। एक ही परिसर में संचालित दो एकलव्य विद्यालयों की कुल क्षमता 220 विद्यार्थियों की है, लेकिन वर्तमान में करीब 420 छात्र-छात्राएं यहां रह रहे हैं। इससे पानी, बिजली, छात्रावास और कक्षाओं की गंभीर समस्या सामने आ रही है। नए शैक्षणिक सत्र में 120 नए विद्यार्थियों के प्रवेश के बाद स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक ही परिसर में चिचाड़ी और कोरगांव के एकलव्य विद्यालय संचालित होने से कक्षाओं और छात्रावास में जगह की भारी कमी हो गई है। पालकों का आरोप है कि पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण एक ही कक्ष में तीन-तीन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

छात्रावास में भी हालात चिंताजनक बताए जा रहे हैं। पालकों के अनुसार, कई बच्चों को एक ही बेड पर दो से तीन की संख्या में सोना पड़ रहा है। वहीं पानी की कमी के चलते बच्चों को नहाने और दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार सप्ताह में केवल एक बार ही नहाने के लिए पर्याप्त पानी मिल पाता है। छात्रावास में शौचालयों की संख्या भी बेहद कम बताई जा रही है। पालकों ने यह भी कहा कि जगह के अभाव में विज्ञान प्रयोगशाला शुरू नहीं हो सकी है। कक्षा 11वीं में विषयवार पढ़ाई शुरू होने के बाद व्यवस्थाओं पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।

संयुक्त पालक संघ ने कलेक्टर और शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कोरगांव के एकलव्य विद्यालय को उसके नए भवन या मूल विकासखंड बड़ेराजपुर में स्थानांतरित करने की मांग की है। पालक संघ ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं आश्रम अधीक्षिका आकांक्षा चंद्रा ने बताया कि पानी की समस्या के समाधान के लिए नए बोर खनन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग का कहना है कि बच्चों को परेशानी से बचाने के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।