रायपुर। छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में परिवहन विभाग की प्रदर्शनी लोगों का ध्यान खींच रही है। “सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा” और “सुरक्षित यात्रा, समृद्ध छत्तीसगढ़” की थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों के मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के निःशुल्क पास भी मौके पर बनाए जा रहे हैं। प्रदर्शनी के प्रवेश द्वार को बस की प्रतिकृति, ट्रैफिक सिग्नल और एलईडी स्क्रीन से सजाया गया है, जिस पर सड़क सुरक्षा से जुड़े वीडियो दिखाए जा रहे हैं।
नेत्रहीन एवं बौद्धिक दिव्यांगजन, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांगजन, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और एचआईवी-एड्स से प्रभावित व्यक्ति राज्य में यात्रा के लिए 100 प्रतिशत किराया छूट के पात्र हैं। उनके एक सहायक को भी यह सुविधा मिलती है। प्रदर्शनी स्थल पर दस्तावेजों का सत्यापन कर तत्काल पास जारी किए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को एक दिन में सर्वाधिक निःशुल्क बस पास वितरित करने के लिए परिवहन विभाग का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ी भाषा में पांच नियमों का संदेश दिया जा रहा है। इसमें हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, नशे में वाहन नहीं चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात नहीं करने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील शामिल है। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सरकारी या निजी अस्पताल में अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा की जानकारी भी दी जा रही है। लोगों से दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने और आपात स्थिति में 108 या 112 पर कॉल करने की अपील की जा रही है।
प्रदर्शनी में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर और रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी भी दी गई है। राज्य में कुल 16 केंद्रों को अनुमति मिली है। ड्राइविंग टेस्ट में पारदर्शिता लाने के लिए सीसीटीवी और सेंसर आधारित कम्प्यूटरीकृत ई-ट्रैक प्रणाली शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग में 100 बसें चलाने का लक्ष्य है। इसके तहत पहले वर्ष 26, दूसरे वर्ष 24 और तीसरे वर्ष 22 रुपये प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता दी जा रही है। वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के तहत अब तक 6,278 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं, जिनमें 3,336 सरकारी वाहन शामिल हैं। रायपुर में दो और दुर्ग में एक स्क्रैपिंग केंद्र शुरू हो चुका है।

