बालोद। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से जिले में 27 से 29 अक्टूबर तक तेज हवाओं के साथ भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आपात स्थिति से निपटने और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर भी सख्त रोक रहेगी।
प्रशासन ने गुरूर, गुंडरदेही और बालोद विकासखंड के डुबान एवं निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिले के पूर्व में प्रभावित रहे 61 संवेदनशील गांवों को चिह्नित कर कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है।
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किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला मुख्यालय में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। साथ ही, डायल 112 के 12 वाहनों को फील्ड में अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील पंचायतों में भोजन एवं राशन का अग्रिम प्रबंध करने और राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उधर, प्रतिकूल मौसम और आपदा प्रबंधन में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते 27 अक्टूबर को प्रस्तावित जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
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