मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, वे सनातन और देश की आस्था का सम्मान नहीं कर सकते।सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार की आस्था श्रीकृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में है। उन्होंने सवाल किया कि जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे देश और समाज की आस्था का सम्मान कर पाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व समाज में विष घोलने का प्रयास करते हैं और युवाओं के भविष्य, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की खुशहाली तथा कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के हितों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ऐसे मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि सनातन की आस्था को मिटाने के कई प्रयास हुए, लेकिन कोई भी इसे समाप्त नहीं कर सका। अयोध्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन आज वे स्वयं इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं।
ब्रज का विकास भावनाओं के अनुरूप होगा
सीएम योगी ने कहा कि सरकार अयोध्या और काशी की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन में भी भव्य परिसर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मथुरा, नंदगांव, बरसाना, गोवर्धन और वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र का विकास लोगों की भावनाओं के अनुरूप किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले की सरकारें वोट बैंक की राजनीति के कारण ब्रज आने से भी डरती थीं। उन्होंने जवाहरबाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अब ब्रज में ऐसी घटनाओं के बजाय रंगोत्सव और ब्रजराज उत्सव जैसे आयोजन हो रहे हैं।
श्रीकृष्ण का संदेश आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जन्माष्टमी पर मथुरा आकर ब्रजवासियों को सम्मान देना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और देश, सनातन तथा मानवता के लिए कर्तव्य के पथ पर चलते हुए कार्य करने की प्रेरणा देता है।सीएम योगी ने कहा कि करीब 5,200 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने इसी पावन भूमि पर प्रकट होकर धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना का संदेश दिया था। भारत ने अनेक आक्रमणों और चुनौतियों का सामना किया, लेकिन सनातन की आस्था को कोई समाप्त नहीं कर सका।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विरासत और विकास का समन्वय देखने को मिल रहा है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक और आस्था के प्रमुख केंद्रों को भव्य स्वरूप देने के साथ-साथ विकास की गति भी तेज की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योगमाया के प्रति आस्था के कारण विंध्यवासिनी धाम को भव्य स्वरूप मिला है और इसी तरह ब्रजभूमि के विकास के लिए भी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी शिक्षाएं समाज को कर्तव्य, सत्य और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। करीब 30 मिनट तक जन्मस्थान परिसर में रहने के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की।
