‘हमारे दुश्मनों को हथियार बेचता है पश्चिम’: रूस से तेल खरीदने के सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका-यूरोप को घेरा

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नई दिल्ली। फिनलैंड में आयोजित ‘कुलतारंता टॉक्स’ (Kultaranta Talks) के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस से तेल खरीदने को लेकर पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये पर तीखा हमला बोला है। एक टॉक शो के दौरान जब पत्रकार ने भारत पर रूस के प्रति जरूरत से ज्यादा सहानुभूति रखने और तेल खरीदने का आरोप लगाया, तो जयशंकर ने पश्चिमी देशों को आईना दिखाने में जरा भी देर नहीं की। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देश उन ताकतों को हथियार बेचते हैं जो भारत पर हमला करती हैं, और यह सिलसिला पिछले कई दशकों से चल रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीयों ने कभी भी यूरोप की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कोई काम नहीं किया है।

विदेश मंत्री ने साफ किया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों, तेल की कीमत और उपलब्धता के आधार पर फैसले लेता है। जब यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देशों ने मिडिल ईस्ट (जो भारत का पारंपरिक सप्लायर था) से भारी मात्रा में तेल खरीदना शुरू कर दिया, तो बाजार के हालातों ने भारत को रूस का रुख करने पर मजबूर किया।

जयशंकर ने पश्चिमी देशों को साल 2022 की अमेरिकी नीति की याद दिलाते हुए कहा कि खुद वॉशिंगटन ने माना था कि वैश्विक आर्थिक संतुलन बनाए रखने में भारत ने बड़ी भूमिका निभाई थी। उस समय ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने और वैश्विक महंगाई को रोकने के लिए खुद अमेरिका ने नई दिल्ली को रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया था। आज वही पश्चिमी देश और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर टैरिफ और प्रतिबंधों की धौंस दिखा रहे हैं, जो उनकी दोहरी नीति को उजागर करता है।