किसानों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने निकाली ट्रैक्टर रैली

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हिंदू चौक से कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे किसान, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बलरामपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के नेतृत्व में किसानों ने गुरुवार को ट्रैक्टर रैली निकाली। रैली हिंदू चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष राम नरेश कुशवाहा ने कहा कि गाय और किसान छत्तीसगढ़ की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान के साथ ही देश की आत्मनिर्भरता और समृद्धि की आधारशिला हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है तथा धान खरीदी के नियमों में लगातार बदलाव से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गौ आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने की भी मांग की।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से गौवंदन योजना को प्रदेश में लागू करने और जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोडऩे, धान खरीदी की वर्ष 2022-23 की लंबित करीब 1700 करोड़ रुपये की राशि किसानों को तत्काल देने की मांग की गई। साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 800 रुपये की राशि को केंद्र सरकार के समर्थन मूल्य से जोडऩे तथा सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी योजना में शामिल करने की मांग रखी गई।

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किसान संघ ने धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 फरवरी तक निर्धारित करने, प्रति तौल अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने का आदेश जारी करने, एग्रीस्टेक में सभी खातेदारों के पंजीयन की अनिवार्यता में शिथिलता देने तथा टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग की। बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की मांग भी की गई।

इसके अलावा फसल बीमा के नाम पर किसानों के खातों से काटी गई राशि वापस दिलाने, बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन के पुराने सर्वे को लागू करने, विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने, खाद की अधिक कीमत पर बिक्री रोकने तथा खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी शुरू करने की मांग की गई।