#editorial

प्रकृति का बेरहमी से दोहन! – संजीव ठाकुर

प्रकृति के दोहन का परिणाम अब अपने चरम परिणामों के साथ हमारे सामने खड़ा है। आने वाले महीनों में मौसम वैज्ञानिकों ने जिस तीव्र गर्मी की आशंका जताई है, वह…
April 27, 2026

एक कृति की हीरक जयंती – गिरीश पंकज

‘रश्मिरथी’ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी का खंडकाव्य ही नहीं है,वह मानव-सभ्यता किस तरह की हो, इसको गढ़ी जाने वाली एक आचार संहिता भी है. जहां वीरता भी है, शौर्य…
April 25, 2026

“तू डाल-डाल, मैं पात-पात”- संजीव वर्मा

महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वा) संशोधन विधेयक- 2026 के लोकसभा में गिरने के बाद सियासी पारा सातवें आसमान पर है। पक्ष-विपक्ष दोनों की ओर से जुबानी जंग जारी है।…
April 22, 2026

क्वाड का भविष्य भी खतरे में? – संजय सक्सेना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ ज्यादा ही सेल्फ सेंटर्ड यानि आत्मकेंद्रित हो गए हैं? क्या उनके अंदर दुनिया भर पर शासन करने की सनक सवार हो गई है? क्या वह…
April 21, 2026

युद्ध के बारूद से बढ़ता पर्यावरण का तापमान – संजीव ठाकुर

पश्चिम एशिया के आकाश में बारूद के बादल और जलते तेल-कुओं से उठता धुआँ केवल युद्ध का दृश्य नहीं रचता, बल्कि वह पृथ्वी के तापमान, वायुमंडलीय संतुलन और जल चक्र…
April 20, 2026

हिन्दू , हिन्दुत्व एवं हिन्दुस्तान – डॉ.माणिक विश्वकर्मा ‘

राजनैतिक और वैचारिक जगत में हिन्दू, हिन्दुत्व एवं हिंन्दुस्तान शब्द को लेकर अक्सर बहस होती है। कुछ लोग इस संदर्भ में जानकारी के अभाव में तो कुछ राजनीतिक स्वार्थ के…
April 19, 2026