रायपुर। रायपुर वनमंडल के नंदनवन मिनी जू में प्रशासनिक कामकाज में गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग ने अधीक्षक आरपी दुबे और रेंजर हिमांचल साहू को उनके पदों से हटा दिया गया है। दोनों अधिकारियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सूत्रों के अनुसार नंदनवन में भुगतान और प्रशासनिक मामलों को लेकर मतभेद गहरा गए थे। दोनों अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं था। विवाद का असर कामकाज पर भी पड़ने लगा था। कई मामलों में निर्णय प्रभावित होने की शिकायतें मिली थीं। इससे विभाग की चिंता बढ़ गई थी। जानकारी के अनुसार विवाद के दौरान एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें कीं। शिकायतें डीएफओ और मुख्य वन संरक्षक तक पहुंचीं। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई। वन विभाग को मिली शिकायतों के बाद 16 मई को प्रारंभिक जांच कराई गई। रिपोर्ट में प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं का उल्लेख किया गया। इसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई।
वन विभाग ने सहायक वन संरक्षक आरपी दुबे से नंदनवन मिनी जू का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया है। रायपुर वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक द्वारा जारी आदेश में उन्हें अधीक्षक के अतिरिक्त दायित्व से मुक्त किया गया है। वे अपने मूल कार्यों का निर्वहन करते रहेंगे।
आनंद कुदरिया को सौंपी जिम्मेदारी
नंदनवन के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार अब उपवनमंडलाधिकारी आनंद कुदरिया को दिया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक यही व्यवस्था लागू रहेगी। नए प्रभार के साथ नंदनवन के संचालन की जिम्मेदारी अब कुदरिया के पास होगी। कार्रवाई केवल अधीक्षक तक सीमित नहीं रही। रेंजर हिमांचल साहू को भी नंदनवन से हटा दिया गया है। उन्हें कार्य आयोजना मंडल रायपुर में संलग्न किया गया है। उनके स्थान पर नवा रायपुर के रेंजर महोबिया को जिम्मेदारी दी गई है।
जांच रिपोर्ट आने का इंतजार, क्या होगी बड़ी कार्रवाई?
सूत्र बताते हैं कि नंदनवन में प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। विभाग इन शिकायतों की निगरानी कर रहा था। जब शिकायतों के साथ वीडियो और अन्य दस्तावेज सामने आए तो विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार haj। वन विभाग फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। नंदनवन प्रदेश का प्रमुख वन्यजीव और पर्यटन केंद्र है। ऐसे में विभाग किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर सख्त नजर आ रहा है।
जवाबदेही पर संदेश
दो अधिकारियों को एक साथ हटाने की कार्रवाई को विभाग का सख्त संदेश माना जा रहा है। इससे यह संकेत गया है कि प्रशासनिक विवाद और लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजर अंतिम जांच रिपोर्ट पर है। उसी के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी।
जांच जारी है रिपोर्ट, आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी
रायपुर वन मंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
