रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव-2026 के दौरान श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने अपनी 14 कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 54,084 हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान की। सोमवार 2 नवंबर को कुल 16 करोड़ 94 लाख 55 हजार 460 रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल पर मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह के मार्गदर्शन में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। योजनाओं के जरिए श्रमिकों के परिवारों की महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों और अन्य आश्रितों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका जैसी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे खातों में पहुंचने से वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जा रहा है।
योजनावार सहायता में मिनीमाता महतारी जतन योजना के 1,630 हितग्राहियों को 3.26 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के 16 हितग्राहियों को 13.50 लाख रुपये और मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के 41,899 हितग्राहियों को 7.82 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई। वहीं, निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के 8,089 हितग्राहियों को 1.19 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के 197 हितग्राहियों को 39.40 लाख रुपये और साइकिल सहायता योजना के 3 हितग्राहियों को 11,118 रुपये अंतरित किए गए।
इसके अतिरिक्त श्रमिक औजार सहायता योजना, कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना और सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के हितग्राहियों को भी आर्थिक मदद दी गई। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के 1,011 हितग्राहियों को 2.02 करोड़ रुपये, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के 283 हितग्राहियों को 19.67 लाख रुपये तथा एक अन्य चरण में एक हितग्राही को 2 लाख रुपये दिए गए। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के 5 हितग्राहियों और निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के 160 हितग्राहियों के खातों में भी राशि भेजी गई। मंडल का उद्देश्य प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
