रायपुर। यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा शहर में ई-रिक्शा और ऑटो वाहनों के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत सभी पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो में QR कोड चस्पा किया जाएगा। इस कार्य को प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी में एक विशेष बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 5 बजे तक चला, जिसमें संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तार से जानकारी दी गई।
इस बैठक में रायपुर शहर के सभी यातायात थाना प्रभारी, उनके स्टाफ और क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस उपायुक्त यातायात कमिश्नरेट रायपुर विवेक शुक्ला ने की। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल दौलत राम पोर्ते, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सतीष कुमार ठाकुर, गुरजीत सिंह और सीमा अहिरवार भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-रिक्शा में QR कोड लगाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें यह भी समझाया गया कि QR कोड को स्कैन करके वाहन और चालक से संबंधित जरूरी जानकारी कैसे प्राप्त की जाएगी। साथ ही QR कोड को किस स्थान पर सुरक्षित और सही तरीके से चस्पा करना है, इसकी भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित हो।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में चल रहे ई-रिक्शा और ऑटो का एक व्यवस्थित डाटा तैयार करना है। इससे न केवल यातायात प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि वाहनों की पहचान और निगरानी भी आसान हो सकेगी। इसके साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है। QR कोड प्रणाली लागू होने के बाद किसी भी वाहन की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी, जिससे अनियमितताओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी थाना प्रभारियों को उनके-अपने क्षेत्रों के अनुसार QR कोड वितरित किए जाएंगे। उन्हें निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा यानी 7 दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्र में सभी पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो में QR कोड लगाने की कार्यवाही पूरी करें। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार क्षेत्र में कार्य करेंगी।
रायपुर पुलिस ने जानकारी दी कि यह पूरी प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होकर 7 दिनों तक चलेगी। इस दौरान सभी पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो में QR कोड निःशुल्क लगाया जाएगा। इसके लिए वाहन चालकों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन वाहनों का पंजीयन पहले से हो चुका है, उन्हें यातायात पुलिस द्वारा संपर्क किया जाएगा और संबंधित थाना में बुलाया जाएगा। वाहन चालक को अपने वाहन के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचना होगा, जहां पुलिस कर्मियों द्वारा वाहन नंबर और QR कोड में दर्ज विवरण का मिलान किया जाएगा। मिलान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद QR कोड वाहन पर चस्पा किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
यातायात पुलिस ने सभी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से अपील की है कि वे इस कार्य में सहयोग करें और समय पर निर्धारित स्थान पर उपस्थित हों। पुलिस का कहना है कि यह पहल शहर में यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से पुलिस को उम्मीद है कि शहर में चल रहे सभी ई-रिक्शा और ऑटो का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत को आसानी से हल किया जा सकेगा। साथ ही यह व्यवस्था यातायात नियंत्रण, अपराध रोकथाम और सुरक्षा निगरानी में भी सहायक साबित होगी।
