प्रधानमंत्री मोदी ने आबू धाबी के क्राउन प्रिंस से की मुलाकात, भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर आबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दोहराया। यह साझेदारी मजबूत राजनीतिक, सांस्कृतिक, वाणिज्यिक और ऊर्जा संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क पर आधारित है। दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा तथा मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा को भी याद किया।

ब्रिक्स में यूएई की भूमिका की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के तहत हुए सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देश साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए इस मंच के माध्यम से मिलकर काम करते रहेंगे।

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ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर की एल्युमिनियम परियोजना
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय संबंधों में विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति को भी रेखांकित किया। उन्होंने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर की एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना के विकास में निवेश करने की घोषणा का सकारात्मक स्वागत किया। यह भारत के एल्युमिनियम क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा एकीकृत निवेश बताया गया है। इस परियोजना से ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग पर जोर
दोनों नेताओं ने माना कि यूएई के नवीनतम संप्रभु निवेश कोष के रूप में ल’इमाद भारत-यूएई साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा दोनों पक्षों ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित रणनीतिक तथा उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने नियमित उच्च-स्तरीय संपर्क की परंपरा और पीढ़ीगत निरंतरता की भी पुनर्पुष्टि की। दोनों पक्षों ने माना कि यह निरंतर उच्चस्तरीय संवाद भारत और यूएई के बीच लंबे समय से चले आ रहे और मजबूत संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है।