नई दिल्ली । भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों में प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के नोडल विभाग के रूप में विशेष अभियान 6 की तैयारियां तेज हो गई हैं। अभियान का तैयारी चरण 16 से 30 सितंबर 2026 तक चल रहा है, जबकि इसका कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।तैयारी चरण के दौरान मंत्रालयों और विभागों ने अपने संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) तथा स्वायत्त संगठनों में प्रत्येक अभियान कार्यालय के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन अधिकारियों को अभियान के उद्देश्यों और उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया है।
तैयारी चरण में क्षेत्रीय स्तर के कार्मिकों को सक्रिय करने, लंबित मामलों की पहचान करने, स्वच्छता अभियान के लिए कार्यालयों की सूची तैयार करने, निपटान किए जाने वाले ई-कचरे की मात्रा का आकलन करने और उसके निपटान की प्रक्रिया तय करने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं। इसके अलावा ई-कचरा निपटान, कचरे से संपदा, कार्यालय परिसरों के उन्नयन, अभिलेख प्रबंधन, अभिलेखों की छंटाई और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण के लिए भी योजनाएं तैयार की गई हैं।
वेब पोर्टल के जरिए हो रही निगरानी
विशेष अभियान 6 की प्रगति की निगरानी समर्पित वेब पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। सभी मंत्रालयों और विभागों को अभियान के तैयारी चरण के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पोर्टल पर अपलोड करना है। अभियान के लक्ष्यों और गतिविधियों की प्रगति को इसी माध्यम से दर्ज और मॉनिटर किया जा रहा है।तैयारी चरण की गतिविधियों और स्वच्छता तथा लंबित मामलों के निपटान की प्रगति की समीक्षा के लिए विशेष अभियान 6 के नोडल अधिकारियों की दूसरी बैठक आयोजित की गई। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की सचिव श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में 84 मंत्रालयों एवं विभागों, उनके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और क्षेत्रीय कार्यालयों का प्रतिनिधित्व करते हुए 500 से अधिक स्थानों से 40 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। वहीं, 800 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में डीएआरपीजी के अपर सचिव श्री पुनीत यादव ने विशेष अभियान 6 की अब तक की प्रगति का प्रस्तुतिकरण दिया। डाक विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग, सैन्य कार्य विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, रेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, खान मंत्रालय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने विशेष अभियान 5 की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी और विशेष अभियान 6 के लिए अपनी कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।
सभी पीएसयू और क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचाने पर जोर
डीएआरपीजी की सचिव ने मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि विशेष अभियान 6 का दायरा सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और क्षेत्रीय कार्यालयों तक पहुंचे, ताकि इसे अब तक का सबसे व्यापक अभियान बनाया जा सके।अभियान के तहत इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर जागरूकता और प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अब तक सोशल मीडिया पर प्तस्श्चद्गष्द्बड्डद्यष्टड्डद्वश्चड्डद्बद्दठ्ठ6 के तहत 1,039 ट्वीट किए जा चुके हैं, जबकि 54 पीआईबी वक्तव्य जारी किए गए हैं। सरकार के अनुसार, यह अभियान में विभिन्न स्तरों पर व्यापक भागीदारी और जागरूकता को दर्शाता है।
विशेष अभियान 6 के दौरान अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का संकलन भी तैयार किया जाएगा। प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा इसे सुशासन सप्ताह 2026 की गतिविधियों के तहत जारी किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान, बेहतर अभिलेख प्रबंधन और कार्यस्थलों के समग्र सुधार के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता तथा सुशासन को बढ़ावा देना है।
