सावन में गन्ने के रस से करें शिवलिंग का अभिषेक, यतिनाथ नाम स्मरण से होगी विशेष पूजा

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नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक और विशेष पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलती है। शिव पुराण की शतरुद्र संहिता में भगवान शिव के यतिनाथ स्वरूप का भी उल्लेख मिलता है।

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कथा के अनुसार, अर्बुदाचल पर्वत के पास आहुक नामक भील और उनकी पत्नी आहुका भगवान शिव के परम भक्त थे। उनकी भक्ति और अतिथि सेवा की परीक्षा लेने के लिए भगवान शिव संन्यासी के रूप में उनके घर पहुंचे। इसी स्वरूप को यतिनाथ कहा गया है। आहुक के बलिदान और आहुका की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, सावन में गंगाजल में थोड़ा गुड़ मिलाकर या गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक किया जा सकता है। इस दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए यतिनाथ नाम का स्मरण करें। इसके बाद शिवलिंग पर स्वच्छ जल, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव से सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। गन्ने के रस और गुड़ को धार्मिक परंपरा में मधुरता का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, ऐसे उपाय आस्था और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें किसी बीमारी के इलाज की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

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