जांजगीर-चांपा में एक घंटे में एक लाख से अधिक लोगों ने पहनी साइबर जागृति राखी, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर अपराधों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग की ओर से आयोजित ‘साइबर जागृति राखी’ अभियान ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान बनाया है। जिले की 432 ग्राम पंचायतों के साथ शासकीय संस्थानों और निजी कारखानों में महज एक घंटे के भीतर एक लाख से अधिक लोगों को साइबर जागृति राखियां पहनाकर साइबर सुरक्षा का संदेश दिया गया। पुलिस विभाग की इस पहल के तहत सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक जिले में एक साथ अभियान चलाया गया।

जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम से ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर चल रही गतिविधियों की मॉनिटरिंग की गई।गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की छत्तीसगढ़ प्रभारी सोनल शर्मा ने भी पूरे आयोजन की निगरानी की। उन्होंने मंच से अभियान को ऐतिहासिक बताते हुए जांजगीर-चांपा जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रदेशभर में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक सात सप्ताह का साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अवधि में रक्षाबंधन का पर्व होने के कारण जांजगीर-चांपा जिले में अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से ‘साइबर जागृति राखी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में पुलिसकर्मियों के साथ कोटवार, फॉरेस्ट अमला और महिला कमांडो को तैनात किया गया था।


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लोगों को एक स्थान पर एकत्र कर साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई और एक-दूसरे को साइबर जागृति राखी पहनाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान की गतिविधियों पर ऑनलाइन माध्यम से भी लगातार नजर रखी गई। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि तय समय में एक लाख से अधिक लोगों ने एक दूसरे के हाथ में साइबर जागृति राखी पहनाया, जिससे हमारे जिले के एक लाख लोग एक साथ साइबर क्राइम के प्रति जागरूक हुए और जिले का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो गया।

उन्होंने बताया कि साइबर जागृति अभियान के लिए राखियों का निर्माण महिला समूहों से कराया गया और इसके एवज में उन्हें उनका मेहताना भी दिया गया। अभियान में जिला प्रशासन और जिला न्यायलय के साथ सभी कारखानो ने भी सहभागिता कर इस उपलब्धि को हासिल करने में सहयोग किया।