रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) में प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएससी कृषि प्रथम वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ (एपीबी 5121) परीक्षा निरस्त कर दी है। यह परीक्षा 19 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में पेपर लीक से जुड़े प्रकरणों में अब तक तीन परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सर्कुलर में ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ की परीक्षा को प्रशासनिक कारणों से निरस्त करने की जानकारी दी गई है। अब इस विषय की परीक्षा सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी। दरअसल, 19 अगस्त को सुबह 10 बजे निर्धारित ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ की परीक्षा से करीब पांच घंटे पहले प्रश्नपत्र की पीडीएफ विद्यार्थियों के बीच वायरल होने का मामला सामने आया था।
दावा किया गया था कि वायरल पीडीएफ में मौजूद प्रश्न और बाद में परीक्षा में पूछे गए सवाल एक जैसे थे। वायरल पीडीएफ में प्रश्नपत्र के तीनों पार्ट के सवाल होने के साथ ही 6 नंबर वाले लॉन्ग आंसर प्रश्न और उनके उत्तर भी मौजूद होने की बात सामने आई थी। प्रकरण सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए तेलीबांधा पुलिस को पत्र लिखा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र विद्यार्थियों तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही।
आईजीकेवी में पेपर लीक से संबंधित मामलों में इससे पहले भी दो परीक्षाएं निरस्त की जा चुकी हैं। इनमें सात अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी तथा 20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा शामिल हैं। अब 19 अगस्त को आयोजित ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ की परीक्षा रद्द होने के बाद निरस्त परीक्षाओं की संख्या तीन हो गई है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, प्लांट पैथोलॉजी और एंटोमोलॉजी की परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराई जाएंगी, जबकि ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ की परीक्षा सितंबर के दूसरे सप्ताह में होगी। विद्यार्थियों को संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के संबंध में विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने तथा अपने संबंधित कॉलेज या डीन कार्यालय के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय स्तर पर मामले की जांच जारी है। जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि तीसरे प्रश्नपत्र की पीडीएफ परीक्षा से करीब पांच घंटे पहले छात्रों तक कैसे पहुंची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस जांच और विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रकरण की स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
